Category: Economics Notes

हमारे संविधान के कुछ महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार भाग 1

हमारे संविधान के कुछ महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार मौलिक अधिकारों को संविधान में शामिल किया गया था क्योंकि उन्हें प्रत्येक व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास और मानव गरिमा को बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया था। जाति, धर्म, जाति या लिंग के बावजूद सभी लोगों को अपने मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों को स्थानांतरित करने का अधिकार दिया गया है। मौलिक अधिकारों (FR) की सात श्रेणियां हैं जो लेख 12-35 से कवर की गई हैं। ARTICLE 12: परिभाषा इस भाग में, जब तक कि संदर्भ की आवश्यकता न हो, “राज्य” में भारत सरकार और संसद...

सभी 12 पंचवर्षीय योजनओं एवं उसके बिच के गैप

सभी 12 पंचवर्षीय योजनओं एवं उसके बिच के गैप परिचय भारत में 15 मार्च 1950 को योजना आयोग का गठन किया गया था। और योजना आयोग के प्रथम अध्यक्ष पंडित जवाहर लाल नेहरु को बनाया गया था। इसके बाद 6 अगस्त 1952 को एक और संस्था का गठन हुआ जिसका नाम राष्ट्रिय विकास परिषद् था। जिसका काम योजना आयोग के कामो को पूर्ण रूप से पारित होने का सलाह देता था। पंचवर्षीय योजना एवं उसके उदेश्य प्रथम पंचवर्षीय योजना :- पंचवर्षीय योजना भारत में तब लागु हुआ जब भारत में गरीबी का दौर चल रहा था। अगर हम तिथि की...

आर्थिक नियोजन क्या है तथा भारत में योजना आयोग का गठन

आर्थिक नियोजन क्या है इस पेज में हमलोग आर्थिक नियोजन के बारे में पढेंगे, भारत में कैसे कैसे इसकी शुरुआत हुई क्या परिन्नाम नकलकर आया, क्या इसके उदेश्य रहे, वर्तमान स्तिथि क्या है सभी बिन्दुओं पर हमलोग चर्चा करेंगे। इसको समझने के लिए सबसे पहले हमें देखना होगा की आर्थिक नियोजन क्या है। आर्थिक नियोजन अगर हम आसान भाषा में बात करे तो आर्थिक नियोजन का मतलब किसी देश या किसी राज्यों के अंदर किसी संसाधनों एवं सेवाओं का निश्चितं अवधि में पूर्वानुमान एवं कुशलतापूर्वक इस्तेमाल करना जो उस देश या राज्य के हित में हो आर्थिक नियोजन कहलाता है।...

error: Content is protected !!