Category: History Notes

कर्नाटक का युद्ध | यूरोपीय कंपनी का भारत में आगमन

फ़्रांसिसी, डेनिश तथा स्डीविस का भारत में आगमन पुर्तगाली, डच तथा ब्रिटिश कंपनी के आगमन के बाद भारत में डेनिश, फ़्रांसिसी तथा स्वीडिश कंपनियों का भारत में आगमन होता हैं। अगर हम परीक्षा की दृष्टी से देखे तो तो फ़्रांसिसी कंपनी के बारे में पढ़ना सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए इस पोस्ट में मुख्य रूप से हमलोग फ़्रांसिसी कंपनियों के बारे में पढ़ेंगे साथ ही साथ डेनिश तथा स्वीडिश कम्पनियोब के बारे में संक्षेप में पढ़ेंगे। डेनिश कंपनी का भारत में आगमन डेनमार्क के कंपनियों को डेनिश कंपनी के नाम से जाना जाता हैं। डेनिश कंपनी का भारत में आगमन 1616...

भारत में अंग्रेजो का आगमन | यूरोपियन कंपनियों का भारत में आगमन

भारत में अंग्रेजो का आगमन चुकी हम जानते है की भारत में अंग्रेजों तथा फ़्रांसिसी के आगमन के पहले पुर्तगाली तथा डच का आगम हो चूका था। भारत में अंग्रेजों का आगमन 31 दिसम्बर 1600 इस्वी को अंग्रेजों की महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा एक कंपनी स्थापित की जाती है। इस कम्पनी का मूल उदेश्य पूर्वी देशो या भारत में जाकर जाकर व्यापार करना था। हालाकि अभी इस कंपनी का नाम ईस्ट इंडिया कंपनी नहीं था। कंपनी का नाम 1831 इस्वी के एक्ट के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी रखा गया था। इस कंपनी को भारत के क्षेत्र में आकर व्यापार करने...

भारत में डच का आगमन | यूरोपियन कंपनियों का आगमन

भारत में डच का आगमन | यूरोपियन कंपनियों का आगमन भारत में डच का आगमन पुर्तगालियों के आगमन बाद भारत में कार्नेलियस हाउट मैन के नेतृत्व में सन 1595-1596 इस्वी के बिच यूरोपीय व्यापारी डच का आगमन होता है। डच यूरोप से सीधे निकलकर सीधे पूर्वी एशिया पहुचता है। उसके बाद वो व्यापार के लिए सबसे पहले इंडोनेशिया पहुच जाता है। और वहाँ पर वे लोग मशालों की व्यापार करते है। मशालों का व्यापार करने का कारण यह भी होता है की यूरोपीय क्षेत्रों में जाड़ो के दिनों में बर्फ के कारण वहाँ मशालों की खेती है। इसीलिए डच इंडोनेशिया...

यूरोपीय कंपनियों का आगमन | पुर्तगालियों का भारत में आगमन

यूरोपीय कंपनियों का आगमन | पुर्तगालियों का भारत में आगमन यूरोपीय कंपनियों का आगमन से पहले भारत और यूरोप का स्तिथि उस समय भारत में मध्यकालीन भारत का दौर चल रहा था तथा यूरोप में आधुनिक यूरोप का दौर चल रहा था। इस समय भारत में मुगलों का शाषण था। और यूरोप में पुनर्जागरण अपने विस्तृत रूप को पार कर चूका था। तथा भौगोलिक खोजों की होड़ सी लग गयी थी। तथा इस समय भारत की स्तिथि व्यापार करने के काफी अनुकूल हो चूका था। इसी का फायदा उठाकर यूरोपीय कंपनियों व्यापार करने के लिए भारत आता है। ऐसी बात...

संक्षिप्त में भारत की सम्पूर्ण इतिहास

संक्षिप्त में भारत की सम्पूर्ण इतिहास इस पोस्ट में, हम अपने महान देश भारत के बारें में पढेंगे। जिसके पास भूवैज्ञानिक गहने और संस्कृति है। इसके पास सबसे पुराने धर्मों में से एक का जन्मस्थान है। और प्राचीन स्मारकों और भव्य महलों से लेकर गरीबी तक एक ऐसे देश में व्यापार और वाणिज्य में विश्व बल बनने के लिए तेजी से बढ़ रहा है। जिसने युद्ध के अकाल और मौसम की चरम सीमा का अशांत इतिहास देखा है। यह 5 वीं और 6 वीं शताब्दी ईस्वी में भारत का इतिहास है, आर्यभट्ट के नाम से एक व्यक्ति रहता था जिसे...

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